रोचक बाते | घोड़ों से बनने वाले सांप के एंटीवेनम की तुलना में इनसे एलर्जी का खतरा भी बहुत कम है। इसके अलावा ऊंटों ने एंटीबॉडीज निकालना सस्ता भी है। अब NRCC ऊंट पालने वाले किसानों को ऊंट के आंसू और ब्लड सैंपल देने के लिए बुला रहा है। इसके जरिए किसान प्रति ऊंट 5 से 10 हजार रुपए महीने की कमाई कर रहे हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि ऊंट के आंसूओं में विशेष प्रकार के एंटीडोट होते हैं, जो सांप के जहर के खिलाफ बेहद प्रभावी होते हैं। ऐसे में ऊंट के आंसू से सांप के जहर के इलाज के लिए असरदार दवाएं बनाई जा सकती हैं। इस तरह की दवा भारत समेत उन देशों के लिए बड़ी राहत ला सकती है, जहां हर साल सांप के काटने से हजारों की संख्या में मौतें होती हैं।
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लिवरपूल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसीन के स्नैकबाइट रिसर्च सेंटर ने भी पाया था कि सांप के काटने की दवाई के लिए ऊंट का आंसू कारगर हो सकता है। इससे पहले दुबई की सेंट्रल वेटरनरी रिसर्च लेबोरेटरी के शोध में भी ऊंट के आंसूओं की अद्भुत क्षमताओं पर प्रकाश डाला गया था। इन क्षमताओं की वजह से ऊंट के आंसू की कीमत काफी ज्यादा होती है। ये कीमत अब और ज्यादा बढ़ सकती है।

